Home > Agra > उमरी पब्लिक स्कूल जगदीश पूरा आगरा में वार्षिक उत्सव का आयोजन

उमरी पब्लिक स्कूल जगदीश पूरा आगरा में वार्षिक उत्सव का आयोजन

आधी रोटी खाइये, बच्चो को पढ़ाइये,
Azhar Uamri 
आगरा , उमरी पब्लिक स्कूल जगदीश पूरा आगरा में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमे में शहर के समाजी सियासी और धार्मिक गद्यमान व्यक्तिओ की मौजूदगी में छात्र/ छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य, नाटक का मंचन किया, इस मौके पर मनकामेश्वर मंदिर महंत योगेश पुरी ने बच्चो के स्मृति चिन्ह देने के बाद कहा कि शहर में प्रतिभाओ की कमी नहीं है, हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम उन प्रतिभा को तलाश कर उनमे निखार पैदा करें, समाजसेवी शबाना खंडेलवाल ने कहा कि बच्चो की पहली पाठशाला उसकी माँ होती है, उसके बाद उसका भविष्य स्कूल में तय करता है, शिक्षा हासिल करना हर बच्चे का फ़र्ज़ है, लेकिन इस के बाद भी आज काफी बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंचते ये सोचने का विषय है, मलिन बस्तियों में उमरी पब्लिक स्कूल जैसे स्कूल की ज़रूरत है, शाहिद सिद्दीक़ी ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे के लिए है गरीब हो या अमीर हर बच्चे को शिक्षा हासिल करने का हक़ है, मेरा मानना है कि आधी रोटी खाइये बच्चो को पढ़ाइये, स्कूल में बच्चो की प्रस्तुति को देख कर ऐसा बिलकुल नहीं लग रहा कि में किसी मलिन बस्ती के किसी स्कूल में हूँ, प्रिंसिपल जी डी गोयनका पुनीत वशिष्ट ने कहा कि लोगो की सोच है कि प्रतिभा सिर्फ बड़े स्कूल से निकलती है, लेकिन ये सही नहीं है अभी तक के आकड़े देखे जाए तो सबसे ज़्यादा मलिन बस्तियों में मौजूद स्कूलों से निकलती है, हमारे देश की लाल बहादुर शास्त्री, अब्दुल कलाम जैसी शख्सियत उन बच्चो के लिए मिसाल है जो गरीबी में रहते हुए अपनी शिक्षा को हासिल कर रहे है, मुफ़्ती मुदस्सिर खान क़ादरी ने कहा कि हर शिक्षित व्यक्तियों का फ़र्ज़ है कि वोह अपना आप पास में मौजूद उन बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास करे जो किसी वजह से स्कूल नहीं जा पा रहे है, अगर ऐसा हो जाये तो हर बच्चा शिक्षित ही सकता है, मलिन बस्ती   में मौजूद स्कूल से हम लोगो के सीखने की ज़रूरत है, यहाँ कोई मज़हब नहीं यहाँ कोई ज़ात नहीं बस हर तरफ ख़ुशी और एक दूसरे की मदद का जज़्बा है, शांति दूत बंटी ग्रोवर ने कहा कि बच्चो को शिक्षित करने का जो कार्य मलिन बस्ती में उमरी स्कूल के रहा है वोह सराहनीय है, उत्सव में बच्चो की हर प्रस्तुति सराहना के लायक है,
 अतिथियों का धन्यवाद करते हुए प्रबंधक अज़हर उमरी ने कहा कि समाज के रसूख दार व्यक्ति मलिन बस्तियों में जनता से मिलते है फोटो लेते है, अखवार में प्रिंट करवा कर चले जाते है, उसके बाद वही समाज सेवी कभी नज़र नहीं आते, मलिन बस्तियों में शिक्षा पर काम करने की ज़रूरत है, प्रोग्राम का सञ्चालन दानिश उमरी के किया, वार्षिक उत्सव में सुहैल उमरी द्वारा लिखित नाटक का मंचन किया गया, इस मौके पर नदीम नूर, अदनान कुरैशी, रिहाना सलीमी, राहिला अज़हर उमरी, सुहैल उमरी, इन्तिज़ार अहमद खान, नेहा सविता, ऋतू सागर, रजनी, अल्तमश खान, अक़ील खान, सना उमरी, निदा उमरी, सबा खान, उरूज़ खान, दीगर लोग मौजूद थे,
  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!