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भाकपा और माकपा ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन

अलीगढ। जिला भारतीय कम्युनिस्ट पाटी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी( माक्र्सवादी) ने महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ के नाम जिलाधिकारी महोदय के प्रतिनिधि को एक ज्ञापन सोंपा। ज्ञापन मे कहा गया है किउत्तर प्रेदेश मे भ्रष्टाचार के तमाम मामले सामने आरहे हैं, किसानों की हालत बदतर होरही है, दलितों अल्पसंख्यकों और अन्य सभी कमजोरों पर हमले बढ़ रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किये गए तमाम वायदे आज जुमले साबित हो चुके हैं।.उत्तर प्रदेश में आठ माह के शासनकाल में अपराधों ने पैर पसारे हैं।. बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और बलात्कार के बाद हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेरहा।. निकाय चुनावों के बाद बिजली की दरों मे जबरदस्त बढ़ोत्तरी है की गई है, जो हर वर्ग, हर तबके पर थोपी गयी है।. शहरी और ग्रामीण गरीब हों या किसान सभी को निशाना बनाया गया है।. इससे पहले से ही आसमान छूरही महंगाई और भी भाजपा सरकार के आठ माह के कार्यकाल में बिजली के उत्पादन, वितरण और उसकी उपलब्धता की दर में कोई सुधार नहीं आया और वह पिछली सरकारों से भी पिछड़ गयी है,. लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार अपनी अक्षमता का भार आम जनता के ऊपर लाद रही है।. महाराष्ट्र के मकोका की ही तरह यूपी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम ऐक्ट (यूपीकोका) के लिए बने विधेयक को मंजूरी दे दी है और अब इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। हम इसे राजनीतिक बदले के लिए लाया जा रहा कानून समझते है। मकोका, पोटा, यूपा और टाडा जैसे विशेष कानूनों के तहत हुई गिरफ्तारियों में देश देख चुका हैं कि कैसे बेगुनाह लोग सालों-साल जेल में सड़ते रहते हैं और पुलिस उनके खिलाफ एक चार्जशीट तक पेश नहीं कर पाती। दावों के विपरीत इन कानूनों का सबसे ज्यादा नुकसान समाज के कमजोर तबकों और अल्पसंख्यको को हुआ है और आशंका है कि यूपीकोका का प्रयोग सरकार अपने विरोधियो के विरूद्ध करेगी।

1-बिजली की बढी हुई दरों को वापिस लिया जाए।
2-यूपीकोका को लागू न किया जाए।
3-महिलाओं और बच्चों के विरद्ध हो रहे अपराधो को रोकने के्र लिए सख्त कदम उठाए जाए।
4-दलितों, अल्पसंख्यकों और अन्य सभी कमजोर वर्गो को सुरक्षा दी जाए।
ज्ञापन देते समय कामरेड मोहम्मद इदरीस, एन,पचैरी, ओ,पी, शर्मा, योगेश्वर सिंह, उदयवीर सिंह आदि उपस्थित थे।
5-किसानो और मजदूरो के सभी प्रकार के कर्ज माफ किए जाए।
6-स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशो को लागू कर कृषि उत्पादन लागत का डेढ गुना मूल्य किया जाए।
7-क्रय केंद्रों की संख्या बढाई जाए।
8- जंगली जानवरो से फसलो की रक्षा की जाए और साथ ही फसल फसल बर्बादी का मुआवजा निश्चित किया जाए।
9-भूतल, जलाशयो पर किसानो का हक रहे न कि उद्योगो का।
ज्ञापन देते समय मोहम्मद इदरीस, राज सिंह, योश्वर सिंह चैहान, रामवीर सिंह,सूरजपाल उपाध्याय, उदयवीर सिंह, जगदीश प्रसाद शर्मा आदि उपस्थित थे।

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