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दलितों के मसीहा थे बाबा साहब-श्याम सुंदर

Neeraj Chakrpani 
सासनी। भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर दलितों के मसीहा थे, उन्होंने उन लोगों के लिए अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया जो मजलूम और शोषित थे। बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलेंगे तो ही एक शक्तिशाली देश का निर्माण करने में हम अपना सहयोग कर सकते है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर दुनियां को यह दिखाना है कि हमारा देश भी किसी से कम नहीं।
इतवार को यह उद्गार डा. भीमराव अंबेडकर की 128 वीं जयंती के मौके पर शहीद पार्क में बाबा साहब की प्रतिमा को माल्यार्पण के दौरान एडवोकेड श्याम सुंदर ने प्रकट किए। उन्होंने बाबा साहब द्वारा रचित संविधान के प्रति कहा कि यदि संविधान नहीं होता तो आज मजलूम को न्याय नहीं मिल पाता। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रकटकर बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। इस बाबा साहब की प्रतिमा को माल्यार्पण के बाद प्रभात फेरी निकाली गई। जो शहीद पार्क से शुरू होकर सेंट्रल बैंक, बच्चा पार्क, पुरानी कोतवाली, जामा मस्जिद, प्रकाश एकाडमी, के एल जैन इंटर कालेज, शिक्षक नगर कालोनी मार्ग, रामवती पेट्रोल पंप, कोतवाली चैराहा नानऊ रोड, होते हुए पारस कालोनी पहुंची जहां प्रभात फेरी का समापन किया गया। इस दौरान उनके अनुयायियों ने मिष्ठान वितरण किया। जिसमें मेघ सिंह एडवोकेट, देव प्रकाश सागर, बाबूलाल कांटे वाले, धर्मेश गौतम, विनोद कुमार सभासद, रवि गौतम, फतेह सिंह, विजय सिंह राना, कंचन सिंह, हरचरन लाल, रामसिंह, भूप सिंह, जितेन्द्र, राहुल प्रकाश, के एस विधाता, निरंजन सिंह पतरौल, विजेन्द्र सिंह, नागेन्द्र सिंह, संजय सिंघानियां, आदि का विशेष सहयोग रहा।

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