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शिक्षण में सरल एवं प्रयोगात्मक विधियों का समावेश होना जरुरी . द्रोवा लेविन

इगलास। मंगलायतन विश्वविद्यालय में शिक्षा व शोध संकाय विभाग द्वारा “ए सैंपल ऑफ कॉग्निटिव इन्तेर्वेशन्स इन लर्निंग मैथमेटिक्स“ विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ। जिसमें इजराइल से आई द्रोवा लेविन ने बीएड व बीएलएड के विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों की क्षमता और रूचि के अनुसार शिक्षण को प्रभावी बनाने की युक्तियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक कक्षा में विभिन्न पृष्ठ्भूमि एवं क्षमताओं के छात्र होते है। इसलिए शिक्षण में सरल एवं प्रयोगात्मक विधियों का समावेश होना चाहिए। शिक्षकों को कक्षा में विद्यार्थियों के अनुकूल वातावरण का निर्माण करना चाहिए, जिसमें उन्हें प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता प्रदान करनी चाहिए। जिससे उनकी सृजनात्मकता एवं चिंतन विकसित हो। व्याख्यान के उपरांत शिक्षा व शोध संकाय विभाग के निदेशक डॉ. दिनेश पांडे ने छात्रों को शिक्षणकार्य को सरल व प्रभावी बनाने के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान डॉ. शिव कुमार, दीपशिखा सक्सेना, अनुराधा यादव, राम कुमार पाठक, पूनम गुप्ता व विद्यार्थी मौजूद थे।

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