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पेड से टकराई बस दर्जनभर घायल ओवरटेक कर रोडवेज ने मारी टक्कर 

Neeraj Chakrpani 
सासनी। आगरा अलीगढ राजमार्ग पर असंतुलित होकर एक बस पेड से जा टकराई जिसमें सवार दर्जन भर से अधिक सवारियां घायल हो गई। घायलों को उपचार के लिए अलीगढ रेफर किया गया है।मंगलवार को अलीगढ से सवारियों को लेकर एक प्राईवेट बस सासनी की ओर चली। जो रास्ते में सवारियों को उतारते हुए हनुमान चैकी पहुंची, और हनुमान चैकी पर सवारियों को उतारकर जैसे ही आगे बढी तो पीछे से आ रही रोडवेज बस ने प्राईवेट बस को ओवरटेक किया। मगर किसी कारण रोडवेज बस चालक ओवरटेक नहीं कर सका। इस पर प्राईवेट बस आगे चलने लगी। तभी फिर से रोडवेज बस ने प्राईवेट बस को ओवरटेक किया तो ओवरटेक करते वक्त रोडवेज बस प्राईवेट बस से टकरा गई। रोडवेज की टक्कर के कारण प्राईवेट बस दौडती हुई सडक के किनारे एक पेड से जा टकराई जिससे बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठी करीब आधा दर्जन सवारियां घायल हो गई। इधर मौका पाकर रोडवेज बस चालक बस को लेेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी होने पर खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंच गये। राहगीर भी रूक गये, और बस में फंसी घायल सवारियों को बाहर निकालने का प्रयास करने लगे। तभी एनएचआई की ऐंबुलेंस और अधिकारी तथा पुलिस मौके पर पहुंच गई पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला और उपचार के लिए सीएचसी भिजवाया। जहां हालत गंभीर होने के कारण एक महिला को अलीगढ रेफर कर दिया।
ये हुए घायल
हेमलता पत्नी बंटी वाष्र्णेय विजयगढ 30, सरवेश पत्नी जमुना प्रसाद, खोरना 52, इंद्रभान पुत्र वेदराम कुन्दन नगर लक्ष्मी नगर दिल्ली 74, मिभिलेश भार्गव पत्नी केडी प्रकाश कमला बाजार सासनी 61, शिव पुत्र श्याम सुंदर रामनगर सासनी 25, छोटेलाल पुत्र श्याम सुंदर 20, उर्मिला पत्नी हरिओम कैमार चंदैया 45, रमेश पुत्र भूरी सिंह नगला रामवल 60, ओमप्रकाश पुत्र रामस्वरूप शहबाजपुर अलीगढ 50 वर्ष घायल हुए जिनमें हेमलता वाष्र्णेय को गंभीर हालत में अलीगढ रेफर किया गया है।

 

 

पहले भी हो चुकी है इसी प्रकार की घटनायें
सासनी। बता दें कि प्राईवेट बस दुर्घटनाग्रस्त होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व में भी कई बार बसों में इस प्रकार की दुर्घटनाओं के कारण कई लोगों को जान से हाथ धोना पडा हैं। इसके कारण क्या हैं इसके बारे में जानकारी लेने की किसी भी परिवहन या पुलिस अधिकारी ने जेहमत नहीं उठाई है। जल्दी के कारण लोग प्राईवेट बसों में सफर करते हैं । वहीं दूसरी ओर रोडबेज बसें बस स्टैंड पर न रूककर कुछ दूरी पर आगे या पीछे रूकती है। जहां सवारियों को उतारकर फुर्र हो जाती है। बस स्टैंड पर खडे यात्री बसों का मुंह ताकते रह जाते है। रोडवेज बसों के कारण कई बार प्राईवेट बसों में यात्रा करने वाले यात्री घायल होने के साथ-साथ जान से भी हाथ धो बैठे है। फिर भी किसी अधिकारी ने इनकी रफ्तार और नियमों को जानने की कोशिश नहीं की है। यदि अधिकारी सतर्क रहें और लोगों को यातायात के नियमों के बारे में जानकारी दे ंतो निश्चित रूप से इन घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।
डिवाइडर हो तो नहीं होंगी दुर्घटनायें
सासनी। एनएचआई द्वारा सडक बनाकर उसकी मरम्मत का काम जिस प्रकार जारी रहता है, उसकी प्रकार यदि बस स्टाप से कुछ दूरी तक डिवाइडर बना दिए जाये ंतो इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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