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वामन अवतार में राजा बलि से छीन लिया सब कुछ

नीरज चक्रपाणि,सासनी- कस्बा के ठंडी सडक स्थित श्री राधा जी मंदिर परिसर में श्री महिला हरी संकीर्तन मंडल के बैनरतले चल रहे श्रीमद भागवत कथा प्रवचन के दौरान आचार्य श्री राघव जी महाराज ने भगवान वामन अवतार और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का रोचक वर्णन किया। जिसे सुन श्रोता भाव विभोर हो गये।
आचार्य ने भगवान वामन अवतार की कथा में सुनाया कि राजा बलि जब विश्व विजेता बनने के लिए अश्वमेज्ञ या करने लगा। तब भगवान ने एक छोटे ब्राह्मण का रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी मगर वह नहीं दे सका तो अपना सिर झुका दिया। तब भगवान ने अपने तीसरे पग में राजा बलि केा पाताल भेज दिया। इसके बार आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मकथा को बडे ही रोचक वर्णन किया। आचार्य ने सुनया कि जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो कारागार के ताले टूट गये पहरे वाले माया निद्रा में सो गये। वासुदेव जी कान्हा जी को गोकुल पहुंचा आए और वहां से एक कन्या ले आए। कन्या कारागार में आते ही सब पहले की तहर हो गया, और कन्या रोने लगी। इस पर कंस कारागार में आया और देवकी से कन्या छीनकर मारने के लिए जैसे ही उछाला तो कन्या हाथ से छूट गई और कंस को उसके मारने वाले का पता बता गई। इस पर कंस ने गोकुल में सैकडों नवजात शिशुओं की हत्या कर दी। अर्थात भगवान ने कंस को पाप करने के लिए और समय दे दिया। बडे होकर कृष्ण ने कंस का कुश्ती में ही बध कर दिया। कथा का भावार्थ समझाते हुए आचार्य ने कहा कि भगवान तो मित्र और दुश्मन दोनों को ही मोक्ष प्रदान करते हैं चाहे उन्हें द्वेष से याद करो या प्रेम से वे हर पल अपने भक्त के पास रहते है। इस दौरान चित्रा वाष्र्णेय, मंजू अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, संगीता, संगीता गर्ग, उत्तम वाष्र्णेय, अंजू वाष्र्णेय आदि मौजूद थे।

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