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मण्डलायुक्त ने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एवं पशुपालन विभाग की की समीक्षा

बन्द दुग्ध समितियों को क्रियाशील करने के दिए निर्देश
पं0 दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में पराग डेयरी बूथ किए जाएं स्थापित
ब्लॉक स्तरीय पशु चिकित्सकों को छोड़कर ग्राम स्तरीय पशु चिकित्सालयों के चिकित्सकों की अन्य कार्यो में लगाई जाए ड्यूटी
गौशाला के साथ.साथ चारागाहों का भी किया जाए विकास .
मण्डलायुक्त

मण्डलायुक्त अजय दीप सिंह ने आज यहां अपने कार्यालय कक्ष में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा में सर्वप्रथम दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0 की समीक्षा में पाया कि मण्डल में कुल 1952 दुग्ध समितियों में 1819 दुग्ध समितियां बन्द हैं मात्र 123 समितियां कार्य कर रही हैंए यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने महा प्रबन्धक जे0 पी0 सिंह को निर्देश देते हुए कहा कि बन्द पड़ी दुग्ध समितियों को पुर्नजीवित करते हुए उन्हें संचालित करें ताकि स्थानीय दुग्ध उत्पादकों का दूध आप क्रय कर उन्हें लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा मात्र 3000 लीटर दूध का कलैक्शन किया जा रहा है यह असंतोषजनक हैए कार्यप्रणाली में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0 रामघाट रोड जो 53 लाख का घाटा दे चुकी है दुग्ध समितियों को संचालित कर इसे समाप्त किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि दुग्ध संघ अलीगढ़ की सासनी डेयरी का आधुनिकीकरण एवं उच्चीकरण प्लांट का कार्य पूर्ण हो चुका है। दुग्ध उत्पादकों एवं किसानों से दूध प्राप्त कर उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्तायुक्त दुग्ध उपलब्ध कराने के लिए आईडीएमसी को आदेश निर्गत हो चुके हैं इसके शीघ्र संचालन हेतु मेरे स्तर से शासन को पत्र जारी कराया जाए। उन्होंने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की आय बढ़ाने तथा लोगों को गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में पराग डेयरी बूथ की स्थापना हेतु जगह उपलब्ध करा दें। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को मण्डलायुक्त परिसर में स्थापित पराग डेयरी बूथ में विद्युत कनेक्शन दिए जाने के भी निर्देश दिये।
मण्डलायुक्त ने पशु चिकित्सा विभाग के तहत मण्डल में कार्यरत चिकित्साधिकारियों एवं अस्पतालों की समीक्षा में पाया कि कुल 47 चिकित्सालय स्थापित हैं जिसमें 03 चिकित्सालयों में चिकित्सक नहीं हैं। उन्होंने अपर निदेशक पशु चिकित्सा आर0 के0 सक्सेना को निर्देश देते हुए कहा कि सभी चिकित्सालयों में सूचनापट वाल राइटिंग द्वारा सुबह 8ः00 बजे से अपरान्ह 2ः00 बजे तक चिकित्सालय समय सारणी अंकित करते हुए चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारियों के मोबाइल नं0 अंकित किए जाएं तथा चिकित्सालय की सुरक्षा हेतु रात्रि में एक व्यक्ति की तैनाती अवश्य की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारियों को मेरे स्तर से पत्र निर्गत कराया जाए कि स्थानीय कार्यक्रमों एवं खुली बैठकों में प्रतिभाग करने के लिए ब्लॉक स्तरीय पशु चिकित्सकों को छोड़कर ग्राम स्तरीय पशु चिकित्सकों को ही तैनात किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि पशुओं को समय.समय पर होने वाली बीमारियों. खुरपकाए मुंहपकाए गलाघोंटू आदि के टीके लगाए जाएं ताकि पशुधन स्वस्थ रह सके। समीक्षा पुस्तिका में उपलब्ध दवाओं का विवरण प्रस्तुत नहीं है इसका विवरण तैयार कर एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण योजना के तहत बजट आवंटित कर दिया गया है गौशाला की स्थापना हेतु अन्य संसाधनों से धनराशि की व्यवस्था करते हुए अधिक से अधिक गौशालाओं का निर्माण कराया जाए। साथ ही जनपदों में चारागाहों का भी विकास किया जाए। विभाग के पास उपलब्ध खाली भूमि पर वृक्षारोपण का भी कार्य कराया जाए।

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