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जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कॉलेज के कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों के दल ने किया ग्यारह वर्षीय बालिका के हृदय में छेद का सफलतापूर्ववक आपरेशन

अलीगढ़ 11 अप्रेलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कॉलेज के कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों के दल ने ग्यारह वर्षीय बालिका के हृदय में छेद का सफलतापूर्ववक आपरेशन किया है। पड़ोसी जनपद कासगंज निवासी 11 वर्षीय बालिका सिदरा लम्बे समय से सीने में दर्द तथा श्वांस की शिकायत का शिकार थी और विभिन्न चिकित्सकों से परामर्श करने के बावजूद उसको आराम नहीं मिल पा रहा था। वह सीने की पीढ़ा के कारण हर समय रोती रहती थी तथा दर्द से उसके पैर एवं उंगलियॉ नीली पढ़ जाती थीं।

सिदरा को कुछ ही दिन पूर्व अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडीकल कॉलेज रेफर किया गया जहॉ जॉच में पता चला कि जन्म के समय से ही बच्ची के हृदय में छेद है। कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एमएच बेग, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद आज़म हसीन तथा डॉ. गजनफर खॉन पर आधारित कार्डियोथोरासिक शल्य चिकित्सकों के दल ने बच्ची के हृदय में मौजूद छेद को शल्य चिकित्सा करके ठीक किया। चिकित्सा के बाद बच्ची को मैडीकल कॉलेज से डिस्चार्ज किया जा चुका है तथा वह पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है।

मैडीकल कॉलेज में इससे पूर्व बच्ची को बच्चों के हृदय के इलाज के विशेषज्ञ डॉ. शाद अबकरी तथा डॉ. कामरान ने देखा। ईको कार्डियोग्राफी में पता चला कि उसके हृदय में सूराख है जिसके कारण सीने में सख्त पीढ़ा रहती है तथा श्वास लेने में कठिनाई होती है।

सिदरा की चिकित्सा भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना ‘‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’’ के अन्तर्गत की गयी। जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के युवाओं तथा बच्चों की चिकित्सा सरकारी खर्च पर की जाती है। यह योजना जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कॉलेज को अमुवि कुलपति प्रो. तारिक मंसूर तथा सहकुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब के नेतृत्व में प्राप्त हुई है।

सफल शल्य चिकित्सा के बाद शल्य चिकित्सकों के दल को बधाई प्रस्तुत करते हुए जेएन मेडीकल कॉलेज के प्रधानाचार्य तथा सीएमएस प्रो. एससी शर्मा ने कहा कि अमुवि के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जेएन मेडीकल कॉलेज में हृदय की चिकित्सा की उच्च स्तरीय सुविधाऐं उपलब्ध हैं।

कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एमएच बेग ने कहा कि ‘‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’’ ‘‘सबको स्वास्थ्य’’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग के डॉ. मोहम्मद आज़म ने बताया कि मेडीकल कॉलेज में उक्त योजना के अन्तर्गत 10 से अधिक बच्चों के हृदय की शल्य चिकित्सा हो चुकी है।

बालिका की शल्य चिकित्सा में रेजीडेंट डॉ. भारती राजा, डॉ. पवन तथा डॉ. दिलशाद नदीम के साथ ही परफयूजन टीम में साबिर अली खॉ तथा अनवर रिज़्वी शामिल थे। ऑपरेशन थ्येटर कर्मचारी में नूरूल अहद, मो. यासीन तथा सलमान साबिर शामिल थे।

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