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भाजपाईयों ने की आरोपी पिता-पुत्र की शीघ्र गिरफ्तारी व हास्पीटल सील की मांग

Neeraj Chakrpani 
हाथरस-13 मार्च। भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजेश दिवाकर के विधानसभा क्षेत्र प्रतिनिधि स्व. मुकेश पौरूष की हत्या (मौत) की जांच तथा अपने सुझावों (मांगपत्र) को लेकर भाजपा नगर अध्यक्ष मूलचन्द्र वार्ष्णेय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मण्डल पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चन्द्रभान से आज उनके कार्यालय में मिला तथा अपनी मांग रखी कि आरोपित पिता-पुत्र डॉक्टरों कीतुरंत गिरफ्तारी हो। अस्पताल को सील कर बंद कराया जाये। अस्पताल सरकारी मानकों पर खरा उतरता है कि नहीं?
प्रतिनिधि मण्डल ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि बैनीगंज स्थित सरस्वती नर्सिंग एण्ड रिसर्च सेंटर को तत्काल सील किया जाये क्योंकि यह अस्पताल के मानक पूरे नहीं करता है। प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि न तो अस्पताल के पास पार्किंग सुविधा है। अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं है। आईसीयू और वेंटीलेटर सुविधा नहीं है। अस्पताल का केवल एक ही गेट है। जब तक मुकेश पौरूष की मेडीकल रिपोर्ट नहीं आती अस्पताल को सील किया जाये। उच्च स्तरीय अधिकारियों से इस पूरे हाई प्रोफाइल प्रकरण की जांच कराई जाये।
प्रतिनिधि मण्डल ने पुलिस अधीक्षक को आरोप लगाते हुए बताया कि जो अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं वह डॉक्टर को बचाने में लगे हुए हैं क्योंकि न तो आरोपी पिता-पुत्र डॉक्टरों के बयान अभी तक लिये गये हैं और न ही मुकेश पौरूष के घर के लोगों के जो इलाज के दौरान पौरूष के साथ थे। टोल प्लाजा की उस दिन की सीसीटीवी फुटेज देखी जाये जिसमें यह पता लगे कि ऐनिथिसिया का डॉक्टर आया था या नहीं?
प्रतिनिधि मण्डल ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि आरोपी डॉक्टर पिता-पुत्र पर पहले भी कई बार इस तरह के आरोप लगे हैं लेकिन अधिकारियों से सांठ गांठ करके यह हर बार बच निकलते हैं। इस अस्पताल में मरीजों के साथ पैसों की खुली लूट होती है। मुकेश पौरूष के इलाज के समय की अस्पताल की फुटेज उपलब्ध कराई जाये जिसमें मुकेश पौरूष की ऑक्सीजन मास्क का प्रयोग किया गया था या नहीं और जिस एम्बूलेंस में मुकेश पौरूष को आगरा रैफर किया गया था उसमें जीवन रक्षक उपकरण मौजूद नहीं थे। उस समय सामान्य एम्बूलेंस का प्रयोग किया गया था।
अंत में प्रतिनिधि मण्डल ने पुलिस अधीक्षक से मांग रखी कि कार्यकर्ताओं में इस प्रकरण से गहरा आक्रोश है। अतः जल्द से जल्द इस प्रकरण के आरोपी डॉक्टर पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जांच होने तक अस्पताल सील किया जाये जिससे की निष्पक्ष और सही जांच हो सके। प्रतिनिधि मण्डल में डा. महेन्द्र पाल शर्मा, मोरमुकुट गुप्ता, यतेन्द्र वार्ष्णेय, आचार्य महेन्द्र सिंह, रूपेश उपाध्याय, टरमेश सेंगर, रामकुमार माहेश्वरी, मण्डल अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, रामगोपाल बघेल, उपेन्द्र वार्ष्णेय, तुलसीप्रसाद अग्रवाल, धर्मेश सेंगर, प्रमोद मदनावत, सुमित शर्मा, प्रीति चौधरी, राजपाल सिंह दिसवार एड., पंकज गुप्ता, रमेश राजपूत, अशोक गोला, अरविंद चौधरी, नवीन शर्मा, नितिन पुण्ढीर, विपिन लाल, प्रिंस, कमल कुमार, पूर्व विधायक देवकीनंदन कोरी, मा. सत्यपाल सिंह, मीना वार्ष्णेय, सुचिता जौन, सोनिया नारंग, नंदनी देवी, गौरव आर्य, अंकित गौड, मुकेश वर्मा, राजीव सेंगर, प्रेमबिहारी चटर्जी, सभासद प्रमोद शर्मा, नरायणलाल, प्रदीप शर्मा, रत्नेश चटर्जी, सुनील गौतम, शरद माहेश्वरी, दिलीप पोद्दार, अशोक कुमार, ऊषा देवी, नैहनू पंडित आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

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