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सरकार बदलने का अहसास नहीं हो पा रहा

नीरज चक्रपाणि,हाथरस- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का कई माह का समय व्यतीत हो चुका है किन्तु आम जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए की गयी घोशणाओं पर त्वरित गति से अमल नहीं हो पा रहा है जिसके कारण आम जनता की समस्याएं जटिल बनती जा रही हैं और सरकार बदलने का एहसास नहीं हो पा रहा है।

सरकार ने घोशणा की थी कि सभी सड़कें गड्ढा मुक्त हो जायेंगी । खनन नीति अभी तक स्पश्ट नीति के साथ लागू नहीं हुई है जिसके कारण काम ही प्रारम्भ नहीं हो पा रहा है। दुर्घटनाओं को रोकने हेतु पक्की सड़कों को कच्ची पटरी के साथ समतल बनाने तथा उनकी चैड़ाई बढ़ाने का कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ। जहां पर नहर नदी-नालों के पुल सड़क हैं उनकी चैड़ाई अति सीमित है तथा उन पुल स्थानों पर संरक्षा के भी पर्याप्त प्रबन्ध नहीं हैं कि इन्जीनियरिंग तथा प्रषासनिक विभाग के अफसरों ने इन दुर्घटनाओं को रोकने हेतु कोई भी सजगता प्रयास प्रारम्भ नहीं किये हैं।

इस जिले में नहर, नाले व नदियों की सफाई कराने एवं उनमें जल का कृशि उपज के लिए ठोस उपयोग करने एवं गन्दगी के प्रदूशण से मुक्त कराने के लिए अभी तक कोई भी कार्य योजना बनाने का कार्य प्रारम्भ नहीं किया है। प्रत्येक विभागीय अधिकारी अपने दायित्व पालन करने के स्थान पर षासन से निर्देष व आदेष प्राप्त करने की प्रतीक्षा में हाथ पर हाथ रखे बैठा है, इधर सांसद, विधायक तथा राजनैतिक दलों के प्रबुद्ध नेता भी अपनी नजर इस गम्भीर संवेदनषील समस्या के समाधान की तरफ ले पा रहे हैं। उधर किसान तथा ग्रामीण जनता इस समस्या से प्रताड़ित तथाउत्पीड़ित हैं। गांव प्रधान अषिक्षित होने के कारण अपनी वेदना षासन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

प्रत्येक परगनाधिकारी का दायित्व है कि वह कार्यकाल में बैठकर काम करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर समय-समय पर जनता की समस्याओं तथा उनकी नागरिक आवष्यकताओं की तरफ भी रुचि लेकर कार्य करें किन्तु वह अपना समय दफ्तर तथा बैठक तक ही सीमित रखे रहते हैं। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं हुआ है। इधर लेखपाल तथा पंचायत सचिव निचले स्तर के कर्मचारी हैं वह अपनी समस्या को उच्च अधिकारियों के समय डर से नहीं कह पाते हैं। इधर पंचायत, राजस्व, गामविकास विभाग के कर्मचारियों के बीच आपस में परस्पर समन्वय नहीं है।

जिले का गठन हुए 20 वर्श का समय व्यतीत हो चुका है। अभी तक जिले की राजस्व क्षेत्र सीमा का निर्धारण षासन द्वारा नहीं हो सका। पिछले परिसीमन में सांसद-विधायक निर्वाचन क्षेत्र तथा राजस्व क्षेत्र-पुलिस क्षेत्र के दफ्तरों का परिसीमन भी कथित तथ्यों के आधार पर तितर-बितर कर दिया है जिसके कारण प्रषासनिक कार्य विभिन्न स्तरों पर विभाजित हो गये और प्रत्येक अधिकारी स्वच्छन्दता की स्थिति में आ गया हैै।

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