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कासगंज हिंसाकांड के 26 दिन बाद चंदन के घर पर पहुंचे प्रभारी मंत्री

मंत्री सुरेश पासी ने परिजनों को शहीद का दर्जा दिलाने का दिया आश्वासन
26 जनवरी को तिरंगा रैली के दौरान गोली लगने से हुई थी चंदन की मौत
कासगंज।जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी आज मंगलवार को कासगंज हिंसाकांड की भेंट चढ़े चंदन के परिवारीजनो से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने परिजनों को सांत्वाना देने के साथ चंदन को शहीद का दर्जा दिलाने का भरोसा दिलाया। हैरानी की बात तो यह रहीकि जिले के प्रभारी मंत्री 26 दिनो बाद चंदन के घर पर पहुंचे। जिससे परिजनों को नाराजगी देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुए बवाल में उपद्रवियों की गोली से मारे गए चंदन की मौत पर उत्तर प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता आज मंगलवार को उस समय देखने को मिली, जब कासगंज के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी को घटना से ठीक 26 दिनो बाद मृतक के परिजनों से मिलने का समय मिला। जहां एक ओर सांप्रदायिक हिंसा के दस दिनो तक कासगंज जलता रहा, वहीं प्रदेश सरकार के किसी भी मंत्री 26 दिनों मृतक चंदन के परिजनों से मिलने की जहमत नहीं उठाई।आज मंगलवार को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी चंदन के घर पर पहुंचे और उन्होंने चंदन के पिता सुशील गुप्ता और परिवारीजनों से मात्र पांच मिनट तक वार्तालाप किया और चलते बने। इस मौके पर मंत्री ने बताया कि शहीद का दर्जा दिलाने के लिए वह भरकस प्रयास करेंगे , तो वहीं मीडिया कर्मियों के पूछे गए कासगंज दस दिनो तक सुलगता रहा और आपकों 26 दिन बाद आने का समय मिला तो उन्होंने सवाल के जबाब पर कहाकि लगातार घटना के बारे में जानकारी हासिल करते रहे, तो वहीं वहीं सीएम योगी द्वारा कासगंज हिंसाकांड की घटना का सामान्य घटना के बयान पर मंत्री जी बोले बोले घटना तो घटना होती है।
ये कहना है चंदन के पिता का
अब कब चंदन को शहीद का दर्जा मिलेंगा या नहीं यह जबाब 26 दिन पहुंचे मंत्री सुरेश पासी के पास भी नहीं है। मंत्री जी से हुई पांच मिनट की मुलाकात के बाद पिता सुशील से वार्तालाप की तो उन्होंने बताया कि लगातार योगी से लेकर सरकार से शहीद का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं, ये तो सरकार के नुमाइंदे जाने की क्यों नहीं चंदन को शहीद का दर्जा मिल पा रहा है। उनका बेटा तिरंगा रैली के दौरान शहीद हुआ था। अगर उसे शहीद का दर्जा नहीं मिल पाता है तो वह फिर मिलेंगे मुख्यमंत्री से जाकर।

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