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नगर पालिका खैर में भ्रष्टाचार का भण्डाफोड बीस कर्मियों का फर्जी बेतन पास कराने पर खुला मामला

सलिंप्त कर्मियों ने सीसीटीवी बन्द कर दस्तावेज खंगाले
सूचना पर पहुंचे चेयरमैन ने कार्यालयों में अपने ताले लगाये
Rajeev Gautam 
खैर। नगर पालिका परिषद में आउटसोर्स कर्मियों के बेतन के चैक पर हस्ताक्षर किये जाने से पूर्व पालिकाध्यक्ष द्वारा कुल कर्मियों की सूची मांगे जाने पर पालिका में बवाल हो गया। चेयरमैन द्वारा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कर्मियों की शिकायत किये जाने के बाद बुधवार को अवकाश के दिन पालिका के कर्मियों द्वारा कार्यालय खोलकर सीसीटीवी कैमरे बन्द कर आवश्यक दस्तावेज गायब किये जाने की सूचना पर चेयरमैन भडक गये और तत्काल पालिका आकर मामले का संज्ञान लिया। पूरे घटनाक्रम से जिलाधिकारी,उपजिलाधिकारी खैर को अवगत करा दिया। बाद में कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में पालिका के कार्यालयों में ताले लगा दिये।
बता दें कि नगर पालिका परिषद खैर में कार्यरत कर्मियों की खैर चेयरमैन कई दिनों से सूची मांग रहे थे। उनका स्टाफ सूची देने में आनाकानी कर रहा था। बीते दिनों कर्मियों के वेतन के चैक पर हस्ताक्षर करते समय चेयरमैन खैर ने कर्मियों का ब्यौरा मांगा तथा हस्ताक्षर से इंकार कर दिया साथ ही किसी फर्जीवाडे की सम्भावना के चलते मंगलवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर स्टाफ की मनमानी तथा भ्रष्टाचार की शिकायत की। बुधवार को पालिका स्टाफ द्वारा अवकाश के दिन पालिका के कार्यालय खोलकर आवश्यक दस्तावेज खंगाले जाने तथा सीसीटीवी बन्द किये जाने की सूचना पर चेयरमैन ने पालिका पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी की। चेयरमैन के पहुंचने से पूर्व पालिका स्टाफ निकल भागा। बाद में चेयरमैन खैर ने पूरे घटनाक्रम से जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी तथा इंस्पेक्टर खैर को घटना से अवगत कराया। इंस्पैक्टर खैर ने चौकी इंचार्ज जयप्रकाश तिवारी को पालिका भेजा। चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने पुलिस की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे चलवाये तथा कार्यालयों में अपने ताले लगाये। चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने बताया कि आठ दिन पूर्व संदीप सक्सेना ने ईओ खैर का चार्ज ग्रहण किया था। पालिका का स्टाफ नवागत ईओ से सतुंष्ट नही था। साथ ही पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल में नियमविरूद्व तरीके से सबिंदा कर्मियों की नियुक्ति की गई थी। किन्तु नियुक्ति के बाद भी कर्मी डयूटी पर नही आ रहे थे। जिसके चलते स्टाफ से कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई थी। किन्तु स्टाफ कई दिनों से गुमराह कर रहा था। बुधवार को अवकाश के दिन स्टाफ ने सीसीटीवी कैमरे बन्द कर दस्तावेजों से छेडछाड की है। कार्यालय में ताले लगा दिये गये है। जिलाधिकारी को पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। आडिट के बाद ही पालिका में काम काज सुचारू हो सकेगा।

196 कर्मियों को होता था 59 लाख का भुगतान

खैर। नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने बताया कि पद ग्रहण करने के बाद से ही वह प्रतिमाह 59 लाख रूपये वेतन के चैक पर हस्ताक्षर करते थे। उनके द्वारा कई वार पूछे जाने पर भी स्टाफ द्वारा कर्मियों की संख्या नही बताई गई। पालिका में नियमित कर्मी अस्सी,ठेका कर्मी पैतीस, सविंदा सफाई कर्मी सैतालीस तथा आउटसोर्सिगं कर्मी की संख्या 14 है। इसके अलावा भी कई फर्जी कर्मियों का वेतन भी स्टाफ निकलवाता रहा है।

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