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बागला महाविद्यालय में निबंध, पेंटिंग एवं सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन

नीरज चक्रपाणि,हाथरस- सेठ फूलचन्द बागला महाविद्यालय में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के अन्तर्गत हिन्दी निबन्ध, अंग्रेजी निबन्ध, पेंटिंग एवं सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य मेजर राजकमल दीक्षित द्वारा माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। प्राचार्य ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
हिन्दी निबन्ध प्रतियोगिता में प्रमोद कुमार बी.एड. ने प्रथम, अनुज बी.एड. एवं तनु, बी.ए. प्रथम ने द्वितीय तथा आशीष उपाध्याय, बी.एड., कु. शालू बी.एससी. द्वितीय तथा नीतेश कुमार बी.एड. ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिन्दी निबन्ध प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में डा. सुनन्दा महाजन, डा. धर्मेन्द्र सिंह एवं डा.एम.पी. सिंह थे। हिन्दी सुलेख प्रतियोगिता में निहारिका सेंगर बी.एड. ने प्रथम, कुलदीप कुमार बी.एड. एवं पायल मित्तल बी.ए. तृतीय वर्ष ने द्वितीय तथा यशोदा एम.ए. प्रथम वर्ष हिन्दी एवं रिचा प्रथम वर्ष हिन्दी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिन्दी सुलेख प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में डा. धर्मेन्द्र सिंह, डा. एम.पी. सिंह एवं डा. वीरेश शर्मा थे।
अंग्रेजी निबन्ध प्रतियोगिता के अन्तर्गत प्रथम स्थान शगुन वाष्र्णेय बी.एससी. द्वितीय वर्ष ने तथा अनुज कुमार बी.एड. प्रथम वर्ष ने द्वितीय तथा नमिता सिंघल बी.एड. द्वितीय वर्ष एवं शालू वर्मा बी.एससी. द्वितीय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी सुलेख में शालिनी वर्मा बी.एससी. द्वितीय ने प्रथम, शाहिद खान बी.एड. प्रथम वर्ष ने द्वितीय तथा गजाला सैफी बी.ए. तृतीय वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जिसके निर्णायक मण्डल में डा. प्रीति वर्मा एवं डा. शालिनी अग्रवाल थीं।
पेंटिंग प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पेटिंग प्रतियोगिता में शाहिद खान प्रथम, मोनिका सक्सैना द्वितीय एवं वर्षा वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रीति कुमारी ने प्रथम, गीता कुशवाहा ने द्वितीय एवं यशोदा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पेटिंग प्रतियोगिता कें निर्णायक मण्डल में डा. राजेश कुमार, डा. प्रेमप्रकाश एवं डा. एम.पी.सिंह थे। रंगोली प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में डा. संदीप बंसल, डा. साहब सिंह एवं डा. पप्पू चैधरी थे।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा. के. एन. त्रिपाठी ने कहा कि शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए ताकि विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास हो सके। कार्यक्रम के सफल संचालन में डा. चन्द्रशेखर रावल, डा. यू.पी. सिंह, डा. देवदत्त सिंह, डा. धर्मेन्द्र सिंह, डा. राजेश कुमार (हिन्दी), डा. एम.पी. सिंह, डा. विमलेश, डा. दीपा ग्रोवर एवं आफिस स्टाफ में शीलेन्द्र कुमार शर्मा, राजीव अग्रवाल, मुकेश पाठक, के.के. शर्मा, ऊधम सिंह, निकेष शर्मा, यतीशकुमार नगायच, श्रीमती मंजू देवी, ब्रजकिशोर, राजकिशोर, मुन्नालाल, सोरनलाल आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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